#vrat katha
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mysteriouslyfuturisticchaos · 2 months ago
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देव उठनी एकादशी व्रत की संपूर्ण जानकारी
देव उठनी एकादशी के व्रत में भगवान श्री हरि की पूजा की जाती है। देव उठनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु निंद मुद्रा से जागृत होते हैं। देव उठनी एकादशी के दिन व्रत और भगवान विष्णु की विधिपूर्वक पूजा - पाढ करने से भगवान विष्णु की असीम कृपा होती है। देवउत्थान एकादशी, जो दिवाली के तुरंत बाद आती है, आज 12 नवंबर को देवउठनी एकादशी मनाया जा रहा है। पवित्र वेद-पुराणों के अनुसार, इस दिन देवताओं की नींद समाप्त होती है। इस दिन से चतुर्मास का समापन होता है, जिसके फलस्वरूप सभी प्रकार के शुभ कार्य जैसे मुंडन संस्कार, विवाह, गृह-प्रवेश आदि का आरंभ किया जाता है। इस दिन एक विशेष कथा का पाठ किया जाता है। तो चलिए देव उठनी एकादशी व्रत की संपूर्ण जानकारी क्या है जानते हैं। देव उठनी एकादशी व्रत की कथा क्या है। देव उठनी एकादशी व्रत की पूजा विधि क्या है। देव उठनी एकादशी 2025 में कब है। देव उठनी एकादशी के कितने व्रत करने चाहिए। देव उठनी एकादशी व्रत में क्या सावधानियां बरतनी चाहिए। देव उठनी एकादशी में पूजा के दौरान कौन से मंत्रों का उच्चारण करना चाहिए। देव उठनी एकादशी व्रत में पूजा के दौरान कौन सी आरती करनी चाहिए। देव उठनी एकादशी व्रत में क्या खाना चाहिए। देव उठनी एकादशी व्रत क्या नहीं खाना चाहिए। देव उठनी एकादशी के व्रत रखने से क्या लाभ होता है। देव उठनी एकादशी व्रतों का उद्यापन कैसे करना चाहिए। Red mor
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bharatsastra · 3 months ago
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বামন দ্বাদশী ব্রত
বামন দ্বাদশী ব্রত | Vaman dwadashi vrat পুরাকালে হরিভক্ত প্রহ্লাদের পুত্র বিরোচনের বলি নামক একটি পুত্র ছিল। এই বলি যৌবনকালে পদার্পণ করলে হরির কৃপায় নিজের বাহুবলে খুবই বলীয়ান হয়ে ওঠেন। তিনি স্বীয় বাহুবলে মর্ত্য এবং পাতাল অধিকার করে ইন্দ্রসহ দেবতাদের যুদ্ধে হারিয়ে দিয়ে স্বর্গের অধিপতি হয়েছিলেন। স্বর্গভ্রষ্ট ইন্দ্রসহ দেবতারা এমতাবস্থায় হরির শরণাপন্ন হলে হরি তাদের বললেন যে, তিনি দেবকূলের পিতা মহতপা…
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mypanditastrologer · 1 year ago
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myriddhisiddhi · 2 years ago
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sanatanbhakti-blog · 1 year ago
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rightnewshindi · 11 days ago
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पापमोचनी एकादशी 2025: इन 5 उपायों से पाएं पापों से मुक्ति और जीवन में सुख-समृद्धि #News #BreakingNews #LatestNews #CurrentNews #HindiNews
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vedic-prayers · 2 months ago
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Masik Durgashtami 2025 | मासिक दुर्गाष्टमी: देवी दुर्गा की आराधना का पावन अवसर | PDF
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narayansevango · 3 months ago
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Why Celebrate Pausha Purnima 2025?
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Pausha Purnima, the full moon day that falls in the Hindu month of Paush (December-January), holds a special place in the hearts of devotees. This auspicious occasion offers a unique opportunity for spiritual growth, inner peace, and connecting with the divine.
Here’s why celebrating Pausha Purnima is significant:
Spiritual Renewal: The full moon is believed to possess a powerful, illuminating energy that can cleanse the mind and soul. Observing Pausha Purnima through meditation, prayer, and introspection can help individuals connect with their inner selves and find inner peace.
Seeking Blessings: Pausha Purnima is considered an auspicious time to seek blessings from Lord Shiva and Goddess Parvati. Many devotees observe fasts, perform puja, and offer prayers to seek their divine grace.
Acts of Kindness: Engaging in acts of charity and helping those in need is a significant aspect of celebrating Pausha Purnima. Sharing your blessings with others brings immense joy and contributes to a more compassionate society.
Connecting with Tradition: Celebrating Pausha Purnima helps us connect with our rich cultural heritage and traditions. It provides an opportunity to learn about the significance of this sacred occasion and pass on these traditions to future generations.
By embracing the spirit of Pausha Purnima and engaging in meaningful practices, we can cultivate a deeper sense of spirituality and donate to a more harmonious and fulfilling life.
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jeevanjali · 4 months ago
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Guru Pradosh Vrat Katha : गुरु प्रदोष व्रत के दिन जरूर पढ़ें ये कथाGuru Pradosh Vrat Katha :मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाएगा. 28 नवंबर गुरुवार को प्रदोष व्रत रखा जाएगा.
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mysteriouslyfuturisticchaos · 2 months ago
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शनिवार व्रत की संपूर्ण जानकारी
इस आर्टिकल में शनिवार के व्रत के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करने की कोशिश करेंगे। शनिवार व्रत की कथा क्या है। शनिवार व्रत के मंत्र क्या हैं । शनिवार व्रत की आरती क्या है। शनिवार व्रत के लाभ क्या हैं। शनिवार व्रत में क्या सावधानियां बरतनी चाहिए। शनिवार व्रत में क्या खाना चाहिए। शनिवार व्रत क्या नहीं खाना चाहिए। शनिवार व्रत में भगवान शनि देव को क्या चढ़ाना चाहिए। शनिवार व्रत का उद्यापन कैसे करें। शनि देव के दोष क्या है। शनि देव के दोषों से बचने के लिए क्या करना चाहिए आदि के बारे में संपूर्ण जानकारी प्रदान करने की कोशिश करेंगे। शनि देव को नौ का राजा कहा जाता है। भगवान भोलेनाथ ने शनि देव को न्याय के देवता की उपाधि दी है। शनि देव को बहुत जल्दी क्रोध आता है। इसी क्रोध की वजह से पिता सूर्य देव से नाराज़गी बनी रहती है। इनके क्रोध से सभी बचने की कोशिश करते हैं , वरना व्यक्ति पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ता है , इसलिए शनि देव को प्रसन्न करने के लिए शनिवार को व्रत रखा जाता है। व्यक्ति शनि दोष से बचाने और शनि देव को शांत रखने के लिए अनेक उपाय करता है। शनि कृपा से व्यक्ति को सुख और वैभव की प्राप्ति होती है। जो लोग शनिवार करते हैं ,उनको पूजा के समय शनिवार व्रत कथा का श्रवण करना चाहिए। अधिक जानकारी हेतु यहां क्लिक करें
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bharatsastra · 2 years ago
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বৃহস্পতিবারের ব্রতকথা
বৃহস্পতিবারের ব্রতকথা জেনে নিন: Thursday Vrat katha bengali   বহুদিন আগে ভারতবর্ষে একজন রাজা রাজত্ব করতেন। রাজা যেমন পরাক্রমী ছিলেন তেমনি ছিলেন দানী। দেব-দ্বিজে তাঁর খুবই ভক্তি ছিল। পরের দুঃখে সদাই তাঁর প্রাণ কাঁদতো। কোনও প্রার্থী তাঁর কাছ থেকে বিমুখ হয়ে ফিরে যেতেন না। রোজ তিনি মন্দিরে গিয়ে দেব দর্শন করতেন। প্রজাদের নিজের সন্তানের মতোই ভালবাসতেন। তাঁর দরজা থেকে কোনও প্রার্থী বিমুখ হয়ে ফিরে…
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devotionalfunlearn · 6 months ago
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tipsandtricksforlife28 · 6 months ago
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जितिया का व्रत | जीवित्पुत्रिका व्रत | Jitiya Vrat | Jivitputrika Vrat |...
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sanatanbhakti-blog · 1 year ago
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varanasi-city · 7 months ago
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Radha Ashtami 2024: Radha Ashtami Vrat Katha : राधा अष्टमी पर जरूर करें इस कथा का पाठ, बरसेगी किशोरी जी की अपार कृपा
Radha Ashtami Vrat Katha in Hindi: राधा अष्टमी 11 सितम्बर, बुधवार को है। राधा अष्टमी का पर्व हर साल भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि के दिन मनाया जाता है। राधा अष्टमी पर श्री राधा और श्रीकृष्ण की विधि-विधान के साथ पूजा करके राधा अष्टमी व्रत कथा का पाठ जरूर करना चाहिए। ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार राधा अष्टमी का पाठ करने से भाग्य लक्ष्मी की कृपा बरसती है और व्रती मनुष्य के जीवन में…
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vedic-prayers · 2 months ago
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Saraswati Vrat Katha | सरस्वती व्रत कथा: ज्ञान और सफलता का प्रतीक | PDF
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