rii-yaar
rii-yaar
Ree 🐧
70 posts
she/her, 20, ♎
Don't wanna be here? Send us removal request.
rii-yaar · 28 days ago
Text
ਮਹਿਕਾਂ ਮੁੜ ਆਉਣੀਆਂ ਨੇ ਮਾਲੀਆ,
ਜੜੵਾਂ ਨੂੰ ਪਾਣੀ ਪਾ ਲਵੇ ਕਿੱਧਰੇ।
0 notes
rii-yaar · 9 months ago
Text
आधा तेरा इश्क, आधा मेरा इश्क,
ऐसे हो पूरा चंद्रमा!
0 notes
rii-yaar · 11 months ago
Text
Always too much, never enough!
0 notes
rii-yaar · 1 year ago
Text
My mom complained yesterday, I don't call her enough.
0 notes
rii-yaar · 1 year ago
Text
मेरे दामन में तो कांटों के सिवा कुछ भी नहीं
आप फूलों के खरीदार नजर आते हैं।
0 notes
rii-yaar · 1 year ago
Text
हम ने कब चाहा कि वो शख़्स हमारा हो जाए
इतना दिख जाए कि आँखों का गुज़ारा हो जाए
-Yasir Khan
0 notes
rii-yaar · 1 year ago
Text
पर ये सब सोचना, दिल को यूं खोलना
सब कुछ कह कर ही सबको बताना जरूरी है क्या?
0 notes
rii-yaar · 1 year ago
Text
उम्र-ए-दराज़ माँग के लाई थी चार दिन
दो आरज़ू में कट गए दो इंतिज़ार में
~सीमाब अकबराबादी
0 notes
rii-yaar · 1 year ago
Text
December, tum me sukoon hai, apnapan hai!
0 notes
rii-yaar · 1 year ago
Text
तेरी रौशनी में छुपी है खुशबू की कोई दास्तां जैसे,
कैसे बयां करूँ, समझ नहीं, हो कोई इम्तिहा जैसे।
मैं कर सकती थी तुम्हारी तुलना रात के इस चांद से,
या फिर ढलती हुई इस शाम से।
मगर तेरे हुस्न की तारीफ़ के लिए, लफ्ज़ ही नहीं आते हैं,
तेरी मोहब्बत की गहराई, बस दिल की बातें हैं।
तेरा हर इशारा, तेरी हर मुस्कान बेहद ख़ास,
कैसे लिखूँ इस दिल की बात, तू ही है मेरी आस।
0 notes
rii-yaar · 1 year ago
Text
ਅਸੀ ਰੱਬ ਤੋਂ ਬਥੇਰੀ ਵਾਰੀ ਮੰਗੇ ਜੀ ਪੱਕੇ ਸਾਨੂੰ ਰੰਗ ਨਾ ਮਿਲੇ
ਸਾਡੇ ਗੀਤ- ਸੁਰਤਾਲ ਨੇ ਬੇਢੰਗੇ ਕਲਾ ਦੇ ਸਾਨੂੰ ਢੰਗ ਨਾ ਮਿਲੇ
0 notes
rii-yaar · 1 year ago
Text
ਦਿਲੋਂ ਬੜੀ ਕਮਜ਼ੋਰ ਹੈ ਵਿਚਾਰੀ
ਤੂੰ ਆਖੀਂ ਓਹਨੂੰ ਰੋਈਂ ਨਾ!
0 notes
rii-yaar · 1 year ago
Text
Come home, Riya. It's been a long time!
0 notes
rii-yaar · 1 year ago
Text
मन के मेरे ये भरम, कच्चे मेरे ये करम
लेके चले है कहाँ, मैं तो जानूँ ही ना
0 notes
rii-yaar · 2 years ago
Text
You get a strange feeling when you're about to leave a place. Like you'll not only miss the people you love but you'll miss the person you are now at this time and this place because you'll never be this way ever again.
- Azar Nafisi // Reading Lolita in Tehran
0 notes
rii-yaar · 2 years ago
Text
टूट कर हम दोनों में जो बचा वो कम सा है
एक टुकड़ा धूप का अंदर अंदर नम सा है
-
7 notes · View notes
rii-yaar · 2 years ago
Text
मगर तुम से सीखा मोहब्बत भी हो तो
दगा कीजिएगा, मुकर जाइएगा।
0 notes