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शिक्षा के साथ सुरक्षा हुई पक्की– कर्नल राज्यवर्धन राठौड़

झोटवाड़ा में शिक्षा के साथ सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कैबिनेट मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, निवारू में CCTV कैमरों की स्थापना करवाई। यह पहल छात्रों की सुरक्षा और विद्यालय परिसर की निगरानी को और अधिक प्रभावी बनाएगी।
🔒 इस पहल के प्रमुख लाभ:
✅ विद्यालय परिसर में सुरक्षा और अनुशासन को बढ़ावा। ✅ छात्रों और शिक्षकों के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना। ✅ विद्यालय प्रशासन को बेहतर मॉनिटरिंग और प्रबंधन में सहायता। ✅ MLA-LAD फंड के तहत शिक्षा और सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक और कदम।
“छात्रों की शिक्षा के साथ उनकी सुरक्षा भी हमारी प्राथमिकता है। यह पहल उन्हें सुरक्षित माहौल में बेहतर भविष्य की ओर बढ़ने में मदद करेगी।” — कर्नल राज्यवर्धन राठौड़
🚀 सुरक्षित और आधुनिक शिक्षा की ओर एक और कदम!
🔹 हर विद्यालय में स्मार्ट सुविधाओं का विस्तार। 🔹 छात्रों के लिए सुरक्षित और सकारात्मक शिक्षण वातावरण। 🔹 आधुनिक तकनीक के माध्यम से सुरक्षा और अनुशासन को बढ़ावा।
🌟 “शिक्षा भी, सुरक्षा भी — झोटवाड़ा का हर विद्यालय होगा स्मार्ट!” 🇮🇳 जय हिंद! जय राजस्थान! 🎓🔒🚀
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अपनों संग संवाद: कर्नल राज्यवर्धन राठौर का जन संवाद कार्यक्रम

“अपनों संग संवाद” कर्नल राज्यवर्धन राठौर के द्वारा शुरू किया गया एक विशेष जन संवाद कार्यक्रम है, जो आम जनता से सीधा संवाद स्थापित करने और उनके सुझावों, समस्याओं और विचारों को समझने का एक प्रयास है। यह पहल न केवल एक सांसद के रूप में उनकी सक्रियता को दर्शाती है, बल्कि जनता से जुड़ने और उनकी आवाज़ बनने की उनकी प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।
“अपनों संग संवाद” का उद्देश्य
कर्नल राज्यवर्धन राठौर ने इस कार्यक्रम को इसलिए शुरू किया है ताकि वे अपने क्षेत्र की जनता के साथ सीधे जुड़ सकें और जमीनी समस्याओं का सही आकलन कर सकें।
मुख्य उद्देश्य:
जनता की समस्याओं क��� सुनना: आम लोगों की दैनिक समस्याओं, शिकायतों और सुझावों को समझना।
समाधान के लिए पहल करना: लोगों की शिकायतों को सुलझाने के लिए त्वरित कदम उठाना।
सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना: समाज के सभी वर्गों को विकास प्रक्रिया में शामिल करना।
कर्नल राज्यवर्धन राठौर का दृष्टिकोण

संवाद का महत्व:
भरोसा कायम करना: जनता और नेतृत्व के बीच विश्वास बढ़ाना।
समस्याओं का समाधान: नीतियों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में मदद करना।
जन भागीदारी को बढ़ावा: समाज के सभी वर्गों को विकास में शामिल करना।
“अपनों संग संवाद” की कार्यशैली
यह कार्यक्रम कई चरणों में संचालित किया जाता है, जिससे अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच बनाई जा सके।
मुख्य चरण:
सीधा संवाद सत्र: पंचायतों, कस्बों और शहरों में सभाओं के माध्यम से जनता से मुलाकात।
डिजिटल प्लेटफॉर्म: सोशल मीडिया और मोबाइल एप के माध्यम से सुझाव और शिकायतें प्राप्त करना।
स्थानीय अधिकारियों की भागीदारी: विकास योजनाओं की मॉनिटरिंग के लिए स्थानीय प्रशासन और अधिकारियों को शामिल करना।
जनता के लिए लाभ
“अपनों संग संवाद” कार्यक्रम जनता को सीधे अपने प्रतिनिधि से जुड़ने और अपनी समस्याओं को रखने का एक मंच प्रदान करता है।
मुख्य लाभ:
समस्याओं का त्वरित समाधान: शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाया जाता है।
जनता की भागीदारी: लोग अपनी समस्याओं और सुझावों को सीधे साझा कर सकते हैं।
न्यायपूर्ण विकास: सभी वर्गों की समस्याओं पर ध्यान दिया जाता है।
“अपनों संग संवाद” के प्रमुख विषय
इस कार्यक्रम के दौरान कई विषयों पर चर्चा होती है, जो क्षेत्र के विकास और सुधार के लिए महत्वपूर्ण हैं।
चर्चा के प्रमुख मुद्दे:
शिक्षा और रोजगार: युवाओं के लिए ��िक्षा और रोजगार के अवसर बढ़ाना।
स्वास्थ्य सुविधाएं: अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति में सुधार।
सड़क और परिवहन: बेहतर सड़कें और परिवहन सुविधाओं का विकास।
कृषि और ग्रामीण विकास: किसानों की समस्याओं को सुलझाना और गांवों में बुनियादी ढांचे का विकास।
कर्नल राज्यवर्धन राठौर की अपील
कर्नल राठौर ने जनता से अपील की है कि वे इस कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और अपने सुझाव व शिकायतें साझा करें। उनका मानना है कि जब तक हर नागरिक विकास प्रक्रिया का हिस्सा नहीं बनेगा, तब तक सही मायने में बदलाव संभव नहीं होगा।
उनके शब्दों में:
“जनता की सहभागिता ही सशक्त लोकतंत्र की पहचान है। आप सभी इस संवाद का हिस्सा बनें और एक साथ मिलकर क्षेत्र का विकास करें।”
निष्कर्ष: संवाद से ही समाधान
“अपनों संग संवाद” कार्यक्रम लोकतंत्र की शक्ति और जनता की आवाज़ को प्राथमिकता देने का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। कर्नल राज्यवर्धन राठौर का यह प्रयास समाज के सभी वर्गों को एकजुट कर एक समृद्ध और समावेशी भविष्य की ओर ले जाने का लक्ष्य रखता है।
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मोटापा और इसके आयुर्वेदिक उपचार
आयुर्वेद के अनुसार, मोटापा न केवल एक शारीरिक समस्या है, बल्कि मानसिक और भावनात्मक पहलुओं में असंतुलन भी शामिल है।
मोटापे के इलाज के लिए यहाँ कुछ आयुर्वेदिक दृष्टिकोण दिए गए हैं:
आहार संबंधी दिशा-निर्देश:
भारी भोजन से बचें: भारी, तैलीय और मीठे खाद्य पदार्थों का सेवन कम करें।
फाइबर बढ़ाएँ: फाइबर का सेवन बढ़ाने के लिए अपने आहार में विभिन्न प्रकार के फल, सब्जियाँ और साबुत अनाज शामिल करें।
जड़ी-बूटियाँ और मसाले: अदरक, हल्दी, काली मिर्च और मेथी जैसी जड़ी-बूटियाँ और मसाले शामिल करें, जिन्हें पाचन को चयापचय उत्तेजित करने वाला माना जाता है।
जीवनशैली में बदलाव:
नियमित व्यायाम: चयापचय को उत्तेजित करने और अतिरिक्त कैलोरी जलाने के लिए नियमित शारीरिक गतिविधि करें। योग, पैदल चलना और तैराकी जैसी क्रियाओं की सलाह दी जाती है।
जल्दी सोना: पर्याप्त नींद लेना बहुत ज़रूरी है। नियमित नींद का शेड्यूल बनाए रखने की कोशिश करें और देर तक जागने से बचें।
तनाव प्रबंधन: पुराना तनाव वज़न बढ़ाने में योगदान दे सकता है। ध्यान और गहरी साँस लेने के व्यायाम जैसी तकनीकें तनाव के स्तर को प्रबंधित करने में मदद कर सकती हैं।
आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियाँ:
त्रिफला: तीन फलों आंवला का यह हर्बल मिश्रण अपने विषहरण गुणों के लिए जाना जाता है और माना जाता है कि यह वज़न घटाने में सहायक है।
गुग्गुल: गुग्गुल को चयापचय को विनियमित करने और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद करने के लिए माना जाता है।
आयुर्वेदिक उपचार:
आयुर्वेदिक उपचार में आप सब के लिए मोटापा से पूरी तरह से निजात पाने के लिए स्को��्टिस हेल्थकेयर द्वारा जड़ी बूटियाँ से तैयार की गई Scorslim Syrup और Scorslim Capsule Holy Divine Healthcare कंपनी की वेबसाइट पर उपलब्ध है, अतः तुरन्त ऑर्डर करें और मोटापा से मुक्ति पाएं।
ध्यानपूर्वक खाना:
यह कैसे काम करता है: ध्यानपूर्वक खाने में खाने के दौरान वर्तमान क्षण पर ध्यान देना और भोजन की खपत से जुड़ी संवेदनाओं, विचारों और भावनाओं के बारे में जागरूक होना शामिल है। यह धीरे-धीरे खाने और प्रत्येक निवाले का स्वाद लेने पर जोर देता है।
लाभ: ध्यानपूर्वक खाने का अभ्यास करने से भूख और तृप्ति के संकेतों की बेहतर समझ हो सकती है, जो संभावित रूप से अधिक खाने से रोक सकता है।
मालिश चिकित्सा:
यह कैसे काम करती है: मालिश चिकित्सा में शरीर के नरम ऊतकों का मैन्युअल हेरफेर शामिल है। हालांकि यह सीधे वजन घटाने का परिणाम नहीं हो सकता है, लेकिन यह समग्र कल्याण और तनाव में कमी में योगदान दे सकता है।
लाभ: तनाव में कमी फायदेमंद हो सकती है, क्योंकि कुछ व्यक्तियों में पुराना तनाव वजन बढ़ने से जुड़ा होता है।
सलाह और व्यवहार चिकित्सा:
यह कैसे काम करती है: आयुर्वेदिक डॉक्टर की काउंसलिंग या व्यवहार चिकित्सा भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक कारकों को संबोधित कर सकती है जो अधिक खाने या अस्वास्थ्यकर खाने की आदतों में योगदान करते हैं।
लाभ: अधिक खाने या भावनात्मक खाने के अंतर्निहित कारणों की पहचान करना और उनका समाधान करना दीर्घकालिक वजन प्रबंधन का समर्थन कर सकता है।
बायोफीडबैक:
यह कैसे काम करता है: बायोफीडबैक में इलेक्ट्रॉनिक मॉनिटरिंग का उपयोग करके व्यक्तियों को हृदय गति, मांसपेशियों में तनाव और त्वचा के तापमान जैसी शारीरिक प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी प्रदान करना शामिल है। इसका उपयोग तनाव प्रतिक्रियाओं के बारे में जागरूकता बढ़ाने और विश्राम तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए किया जा सकता है।
लाभ: बायोफीडबैक व्यक्तियों को तनाव को प्रबंधित करने में मदद कर सकता है, जो अधिक खाने का एक योगदान कारक हो सकता है।
निष्कर्ष
स्वास्थ्य के लिए समग्र दृष्टिकोण के हिस्से के रूप में इन उपचारों को अपनाना महत्वपूर्ण है जिसमें संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और स्वास्थ्य पेशेवरों से परामर्श शामिल है। ये उपचार सभी के लिए उपयुक्त नहीं हो सकते हैं, और व्यक्तिगत प्रतिक्रियाएँ भिन्न हो सकती हैं। अपने वजन घटाने की योजना में नए उपचारों को शामिल करने से पहले हमेशा योग्य स्वास्थ्य देखभाल चिकित्सकों से मार्गदर्शन लें।
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गूगल ने प्��े स्टोर से हटाए 300 हानिकारक ऐप्स, क्या आपका स्मार्टफोन सुरक्षित है?

तकनीक की दुनिया में एक बड़ा खुलासा हुआ है। गूगल ने हाल ही में अपने प्ले स्टोर से 300 ऐसे मोबाइल एप्लिकेशन हटा दिए हैं, जो उपयोगकर्ताओं की संवेदनशील जानकारी चोरी कर रहे थे। बताया जा रहा है कि इन ऐप्स को अब तक छह करोड़ से अधिक बार डाउनलोड किया जा चुका था। ये खतरनाक ऐप्स एंड्रॉयड 13 ऑपरेटिंग सिस्टम की सुरक्षा में सेंध लगाकर व्यक्तिगत और वित्तीय डेटा तक पहुंच बना रहे थे। इन एप्लिकेशनों की पहचान एक साइबर सुरक्षा रिसर्च टीम आईएएस थ्रेट लैब द्वारा की गई, जिन्होंने इस वैश्विक ठगी अभियान को "वेपर" का नाम दिया।
ये ऐप्स कितने खतरनाक थे?
इन एप्लिकेशनों ने उपयोगकर्ताओं की निजता और सुरक्षा को गंभीर रूप से प्रभावित किया। रिपोर्ट्स के अनुसार, ये ऐप्स बैकग्राउंड में लगातार सक्रिय रहते थे और फर्जी विज्ञापनों के जरिये दो सौ करोड़ से ज्यादा बार एडवरटाइजिंग फ्रॉड को अंजाम दिया। इससे न केवल उपभोक्ताओं को नुकसान हुआ, बल्कि विज्ञापन कंपनियों को भी भारी आर्थिक हानि पहुंची।
ये ऐप्स कैसे करते थे धोखाधड़ी?
धोखाधड़ी करने वाले ये ऐप्स सामान्य और भरोसेमंद टूल्स की तरह दिखते थे, जैसे हेल्थ मॉनिटरिंग ऐप्स, क्यूआर स्कैनर या वॉलपेपर डाउनलोडर। एक बार जब इन्हें फोन में इंस्टॉल किया जाता, तो ये अपनी पहचान छुपा लेते और सिस्टम में गायब हो जाते। उपयोगकर्ता को भ���क तक नहीं लगती कि ये ऐप्स उनके डिवाइस पर किस तरह से काम कर रहे हैं। ये ऐप्स यूजर की गतिविधियों पर नजर रखते और व्यक्तिगत डेटा चोरी करते थे।
कौन-कौन सी जानकारी हो रही थी चोरी?
ये हानिकारक ऐप्स उपयोगकर्ताओं के कॉन्टैक्ट्स, मैसेजेस, लोकेशन, गैलरी की फोटोज और अन्य संवेदनशील जानकारियों तक पहुंच बना लेते थे। यहां तक कि ये ऐप्स माइक्रोफोन और कैमरा का दुरुपयोग भी कर सकते थे, जिससे यूजर की गोपनीयता गंभीर रूप से प्रभावित होती थी।
"वेपर" ठगी अभियान का भंडाफोड़
IAS थ्रेट लैब की जांच में सामने आया कि ये तीन सौ एप्लिकेशन एक संगठित अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी नेटवर्क का हिस्सा थे। इस नेटवर्क का मुख्य उद्देश्य था व्यक्तिगत डेटा को चुराकर डार्क वेब पर बेचना और फर्जी विज्ञापनों के जरिये अवैध धन अर्जित करना। इस साइबर हमले से आम लोग ही नहीं, बल्कि बड़ी कंपनियां भी प्रभावित हुई हैं।
अगर आपके फोन में भी ऐसे खतरनाक ऐप्स हैं तो क्या करें?
अगर आपका फोन अचानक धीमा हो गया है, बैटरी जल्दी खत्म हो रही है या डिवाइस असामान्य रूप से गर्म हो रहा है, तो यह संकेत हो सकते हैं कि कोई खतरनाक ऐप पृष्ठभूमि में सक्रिय है। ऐसे में सबसे पहले फोन की सेटिंग्स में जाकर ऐप्स की अनुमतियों की जांच करें। किसी भी संदिग्ध या गैर-ज़रूरी एप्लिकेशन को तुरंत अनइंस्टॉल करें। इसके अलावा, एक विश्वसनीय मोबाइल सिक्योरिटी ऐप इंस्टॉल कर फोन को नियमित रूप से स्कैन करें।
नए ऐप्स इंस्टॉल करते समय किन बातों का ध्यान रखें?
कोई भी नया एप्लिकेशन डाउनलोड करने से पहले उसके डेवलपर, रेटिंग और यूजर रिव्यू अवश्य पढ़ें। केवल आधिकारिक और भरोसेमंद स्रोतों से ही ऐप्स डाउनलोड करें। किसी भी ऐप को आवश्यकता से अधिक परमिशन देने से बचें। यदि कोई ऐप एडमिन एक्सेस मांगता है, तो विशेष सावधानी बरतें।
गूगल की कार्रवाई का क्या संकेत है?
गूगल द्वारा इन 300 हानिकारक एप्लिकेशनों को हटाना एक बड़ा कदम है, जो यह दर्शाता है कि कंपनी यूजर्स की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रही है। लेकिन केवल गूगल की सतर्कता पर्याप्त नहीं है। यूजर्स को खुद भी जागरूक और सतर्क रहना होगा, क्योंकि साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीकों से साइबर हमलों को अंजाम दे रहे हैं।
निष्कर्ष
डिजिटल ��ुग में, जहां तकनीक ने जीवन को सरल और सुविधाजनक बनाया है, वहीं साइबर अपराध के जोखिम भी बढ़ते जा रहे हैं। गूगल की यह कार्रवाई हम सभी के लिए एक चेतावनी है कि अपनी ऑनलाइन सुरक्षा की ज़िम्मेदारी हमें खुद लेनी होगी। सतर्कता और सही उपायों को अपनाकर ही हम इन खतरों से बच सकते हैं। हर यूजर का यह कर्तव्य है कि वह अपने डिजिटल जीवन को सुरक्षित बनाते हुए दूसरों को भी जागरूक करे।
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लोगों को सुविधाजनक, सुरक्षित और इफेक्टिव डिजिटल बैंकिंग सेवाएं देना सुनिश्चित करें बैंकर्स : वित्त सचिव
देहरादून: वित्त सचिव दिलीप जावलकर ने सचिवालय में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक में दिशा – निर्देश देते हुए कहा कि, कम सीडी रेशियो परफॉर्मिंग वाले बैंक इफेक्टिव मॉनिटरिंग प्लान बनाकर इसको बढ़ाना सुनिश्चित करें। दूरस्थ क्षेत्रों में इलेक्ट्रिसिटी और इंटरनेट कनेक्टिविटी की कमी बैंकिंग सेवाओं में बाधक नहीं बननी चाहिए सचिव ने निर्देश दिए कि जिन बैंकों का सीडी रेशियो अनुपात कम है वे बैंक इफेक्टिव…
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JDA का करोड़पति SE, ACB की जांच में मिली इनकम से 253 फीसदी ज्यादा कमाई
जयपुर।जयपुर शहर में सड़क, नाली, डिवाइड, फुटपाथ बनाने के काम की मॉनिटरिंग करने वाले जयपुर विकास प्राधिकरण JDA का अधीक्षण अभियंता SE अविनाश शर्मा के घर से 13 लाख रुपए नगद, 100 से अधिक प्रोपर्टी के दस्तावेज, 1.34 करोड़ रुपए के म्यूचल फंड में निवेश के दस्तावेज मिले हैं। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ACB ने अविनाश शर्मा के 7 ठिकानों पर सर्च किया है। ACB की जांच में इनकम से 253 फीसदी ज्यादा कमाई मिली।ACB के…
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लाइव डैश बोर्ड प्रदेश के सभी परीक्षा केंद्रों पर मुख्यमंत्री सुक्खू रखेंगे सीधी नजर, जानें और कौन-कौ��� करेगा मॉनिटरिंग
Himachal News: हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की मंगलवार से शुरू हुई वार्षिक परीक्षाएं दे रहे परीक्षार्थियों पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू भी नजर नजर रख रहे हैं। सभी केंद्रों में डैश बोर्ड से मुख्यमंत्री सीधी नजर रहेगी। सभी निजी और सरकारी स्कूलों के परीक्षा केंद्र सीएम डैश बोर्ड पर लाइव कर दिए गए हैं। परीक्षा केंद्रों में कितने शिक्षकों की ड्यूटी लगी है। कहां-कहां परीक्षा के दौरान नकल…
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"ऑपरेशन कंविक्शन" के तहत दहेज हत्या के आरोपी को 8 वर्ष की सजा
गाजीपुर। उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर संचालित “ऑपरेशन कंविक्शन” के तहत मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन टीम की प्रभावी पैरवी से दहेज हत्या के एक गंभीर मामले में आरोपी को सश्रम कारावास की सजा दिलाई गई है। न्यायालय ने सुनाई कठोर सजा दिनांक 28 फरवरी 2025 को थाना कोतवाली, जनपद गाजीपुर में पंजीकृत मुकदमा अपराध संख्या 415/2018 के तहत धारा 498A, 304B भादवि एवं 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम (DP एक्ट)…
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अपर कलेक्टर ने किया तिलक सिंदूर मेले की तैयारियों का निरीक्षण
इटारसी। बुधवार, 26 फरवरी को तिलक सिंदूर में महाशिवरात्रि मेले का आयोजन किया जाएगा। प्रशासन इसकी तैयारी कर रहा है। जनपद पंचायत केसला द्वारा आयोजित इस मेले की मॉनिटरिंग जिला स्तर से भी की जा रही है। कलेक्टर सुश्री सोनिया मीणा स्वयं यहां का निरीक्षण कर चुकी हैं। कल अपर कलेक्टर डीके सिंह भी यहां की व्यवस्था देखने पहुंचे। उल्लेखनीय है कि तिलक सिंदूर में तीन दिवसीय मेले का आयोजन महाशिवरात्रि के मौके…
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वेदांता एल्यूमिनियम ने कोयला खदान में शुरू की एआई-संचालित ड्रोन निगरानी प्रणाली
नई दिल्ली, 20 फरवरी 2025। भारत की सबसे बड़ी एल्यूमिनियम उत्पादक वेदांता एल्यूमिनियम ने ओडिशा में अपनी जामखानी कोयला खदान में ब्लास्टिंग क्लीयरेंस और डेंजर जोन मॉनिटरिंग के लिए अपना पहला आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) संचालित ड्रोन-आधारित समाधान पेश किया है। प्रचालन उत्कृष्टता प्राप्त करने की दिशा में नई तकनीकों का लाभ उठाने के लिए वेदांता के स्पार्क के साथ सहयोग करते हुए, यह प्रोजेक्ट खनन कार्यों…
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*बायो मेडिकल वेस्ट, संग्रहण, परिवहन और निस्तारण के संबंध में बैठक 21 को*
बीकानेर, 18 फरवरी। जिले में बायो मेडिकल वेस्ट, संग्रहण, परिवहन और निस्तारण के संबंध में जिला स्तरीय मॉनिटरिंग कमेटी की बैठक जिला कलक्टर श्रीमती नम्रता वृष्णि की अध्यक्षता में 21 फरवरी को प्रातः 11 बजे कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की जाएगी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पुखराज साद ने यह जानकारी दी।
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हरियाणा के परिवहन मंत्री अनिल विज के खुद सड़को पर आकर वाहनो की चेकिंग करने के बाद आज अंबाला छावनी में आज जी एम रोडवेज अश्वनी कुमार डोगरा ने बस स्टैंड पर लोकल बसों का औचक निरीक्षण किया इस दौरान उन्होंने देखा कि कौन सी बसे किस रूट पर चल रही है उन्होंने यह भी देखा कि किस रूट पर सवारी है अधिक है तथा कहां-कहां और अधिक बसों की मांग है ! उन्होंने कहा कि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाना हमारा लक्ष्य है इसी के तहत हम मॉनिटरिंग कर रहे हैं कि बस किस रूट पर जा रही है !
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Alok Enterprises Near Rajendra Park Chowk,Station Road, Durg Call 07587071017,9039271017
IP कैमरा (IP Camera) एक प्रकार का डिजिटल वीडियो कैमरा है जो इंटरनेट प्रोटोकॉल (IP) नेटवर्क का उपयोग करके वीडियो डेटा को ट्रांसमिट करता है। इसे नेटवर्क कैमरा भी कहा जाता है। IP कैमरा को आमतौर पर सुरक्षा और निगरानी (CCTV) के लिए उपयोग किया जाता है।
IP कैमरे के प्रमुख विशेषताएँ:
नेटवर्क कनेक्टिविटी: यह कैमरा इंटरनेट या लोकल नेटवर्क से जुड़ सकता है और रियल-टाइम वीडियो स्ट्रीमिंग प्रदान करता है।
हाई-क्वालिटी वीडियो: IP कैमरा उच्च गुणवत्ता (HD, Full HD, या 4K) का वीडियो कैप्चर कर सकता है।
रिमोट एक्सेस: आप इसे दुनिया में कहीं से भी अपने स्मार्टफोन, लैपटॉप या अन्य डिवाइस के माध्यम से एक्सेस कर सकते हैं।
मोशन डिटेक्शन: इसमें मोशन डिटेक्शन की सुविधा होती है, जिससे यह किसी गतिविधि को डिटेक्ट कर सकता है और अलर्ट भेज सकता है।
स्टोरेज: IP कैमरा डेटा को लोकल स्टोरेज (SD कार्ड), NVR (Network Video Recorder), या क्लाउड स्टोरेज पर स��व कर सकता है।
दो-तरफ़ा ऑडियो: कई IP कैमरों में माइक और स्पीकर का फीचर होता है, जिससे आप ऑडियो कम्युनिकेशन कर सकते हैं।
पावर सप्लाई: यह कैमरा पावर ओवर ईथरनेट (PoE) तकनीक का उपयोग कर सकता है या इसे अलग से पावर सप्लाई की आवश्यकता होती है।
IP कैमरा के फायदे:
वायरलेस कनेक्शन के जरिए इंस्टालेशन आसान है।
इसे कहीं से भी मॉनिटर किया जा सकता है।
वीडियो डेटा एन्क्रिप्टेड होता है, जिससे सुरक्षा बेहतर होती है।
यह पुरानी एनालॉग CCTV तकनीक से अधिक एडवांस है।
IP कैमरा के उपयोग:
घर और ऑफिस की सुरक्षा।
स्कूल, अस्पताल और सार्वजनिक स्थानों की निगरानी।
ट्रैफिक मॉनिटरिंग और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स।
बच्चों और पालतू जानवरों पर नजर रखने के लिए।
खरीदने से पहले ध्यान देने योग्य बातें:
रिज़ॉल्यूशन और वीडियो क्वालिटी।
स्टोरेज विकल्प (SD कार्ड, क्लाउड या NVR)।
कैमरा का फील्ड ऑफ व्यू और रोटेशन एंगल।
नाइट विजन की क्षमता।
ब्रांड और कीमत।
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होली से पहले मिलावटखोरों पर शिकंजा, फूड सेफ्टी विभाग ने जारी की SOP, मिलावटखोरों पर 05 लाख जुर्माना और 06 साल की कैद
बॉर्डर पर सख्त पहरा, ऑनस्पॉट टेस्ट हो रहे सैंपल, विजिलेंस सेल और सर्विलांस के जरिए सख्त मॉनिटरिंग शुरू :- डा. आर. राजेश कुमार, खाद्य आयुक्त मिलावटखोरी रोकने के लिए डिकॉय आपरेशन, इंफोर्समेंट और सर्विलांस की भी ली जाएगी मदद :- ताजबर जग्गी देहरादून। होली पर आम जनता तक शुद्ध और सुरक्षित खाद्य उत्पाद उपलब्ध कराने के लिए खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने प्रदेशभर में मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त अभियान…
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